समिति के नोडल अधिकारी एवं राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान तथा राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महापुरुषों की जन्म तिथि एवं पुण्य तिथि के अवसर पर गौ सेवा करना समिति की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि गौ माता की कृपा सभी पर बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि प्रथम सेवा नर-नारायण, बुजुर्गों एवं दिव्यांगजनों की सेवा है, इसके साथ-साथ गौ सेवा भी हमारा कर्तव्य है।
वीर शिवाजी महाराज को याद करते हुए उनके अदम्य साहस और बचपन से ही राष्ट्रभक्ति की भावना का स्मरण किया गया। उन्होंने कम उम्र में ही “जय घोष” के साथ इतिहास रचा तथा विपरीत परिस्थितियों में भी साहस और रणनीति से विजय प्राप्त की। “हर हर महादेव” के उद्घोष के साथ उन्होंने अपनी सेना का मनोबल बढ़ाया और स्वाभिमान की मिसाल कायम की।
इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों द्वारा एक साथी शिक्षक का जन्मदिन भी मनाया गया।
आज की गौ सेवा में विजय श्रीवास्तव, उमेश ताम्रकार, अरविंद अवस्थी, हरिहर चतुर्वेदी, मुकेश खरे, रामशरण, ज्ञानचंद, संजीव शर्मा, मनोज माली, बृजेश बबेले, प्रकाश यादव, खुशीलाल चौकसे, शालिक राम सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
सभी शिक्षकों ने गौ सेवा कर वीर शिवाजी जयंती को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया।


